एक घंटा बीत गया!
घाटी में अब पूर्ण मौन छाया हुआ था।
सौ से अधिक खूंखार जानवर खून में लथपथ थे, हर तरफ अंग-भंग और कटे हुए अंग थे, खून बह रहा था, और तीखी खूनी गंध ने पूरी घाटी को भर दिया था।
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