ठंडी हवा तेज़ बह रही थी, जहाँ सिर्फ़ गिरी हुई पत्तियाँ और उदासी ही बिखरी हुई थी।
गौ चाउ-लोंग कंप्यूटर के सामने बैठा था, और जैसे-जैसे उसका कच्चा ड्राफ्ट कम होता जा रहा था, वह चिंता में डूब रहा था।
उसने भौंहें सिकोड़ लीं, गहरी साँस ली, और लिखना जारी रखा।
अध्याय 18